मेरी कविताएँ
(वरिष्ठ कवि भगतसिंह सोनी की कविता)
पान
मीठा बाबूजी
हं अ
14 पइसे
नइ, सिंगल मीठा लगाओ
अच्छा बाबूजी
सुर्ती बाबूजी
नइ
बीड़ी तमाखू बाबूजी
नइ, सिरिफ मसाला-चमनबहार
ये तो गर्भवती पान है बाबू बाबूजी
(धत् बीबी गर्भवती है उफ् !)
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भगत सिंह सोनी
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